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टिहरी झील में अब अधिकृत खाते में ही होगा बोटिंग का भुगतान, QR कोड अनिवार्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल जनपद में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्यटन गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने कोटी कॉलोनी स्थित टिहरी झील के बोटिंग प्वाइंट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों, बोटिंग संचालन, भुगतान व्यवस्था और संबंधित अभिलेखों में कई कमियां सामने आईं। जिलाधिकारी ने इन पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करते हुए व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

‎निरीक्षण में बोटिंग संचालन के लिए तेल रखे जाने वाले स्थान पर आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं मिले। तेल के रखरखाव की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई और अग्नि सुरक्षा संबंधी संकेतक भी नहीं लगाए गए थे। जिलाधिकारी ने बोटिंग स्थल पर आवश्यक सुरक्षा संकेतक लगाने, अग्निशमन यंत्र उपलब्ध कराने तथा टिकट काउंटर पर तत्काल सीसीटीवी कैमरा स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने टिकट काउंटर को पर्यटकों के लिए सुविधाजनक बनाने को भी कहा।
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‎बोटिंग के भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि भुगतान केवल टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण (टाडा) अथवा पंजीकृत बोट यूनियन के अधिकृत खाते में ही लिया जाए। इसके लिए टाडा या पंजीकृत बोट यूनियन का क्यूआर कोड उपलब्ध कराया जाए। व्यवस्था पूर्ण होने तक सभी भुगतान टाडा के सरकारी खाते के क्यूआर कोड के माध्यम से ही लिए जाएंगे। बोट संचालकों के समूह में व्यक्तिगत स्तर पर भुगतान लेने की व्यवस्था को अनुचित बताते हुए इसमें तत्काल सुधार करने को कहा गया।
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‎जिलाधिकारी ने कह देर शाम सूर्यास्त के बाद भी जेट स्की और बोटिंग जैसी गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय के बाद इन पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश दिए*। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटकों की संख्या अधिक होने पर भी सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जा सकती। सूर्यास्त होते ही टिकट काउंटर बंद किया जाए और निर्धारित समय के बाद किसी भी पर्यटक को बोटिंग की अनुमति न दी जाए। नियमों का उल्लंघन कर देर शाम तक बोटिंग या जेट स्की संचालित करने वाले संचालकों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
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‎इसके बाद जिलाधिकारी ने टाडा कार्यालय का औचक निरीक्षण कर संबंधित पत्रावलियों की जांच की। इस दौरान बोटिंग से संबंधित अभिलेख, सेवा प्रमाणपत्र और लेखा मिलान (अकाउंट रिकन्सिलिएशन) अद्यतन एवं संतोषजनक नहीं पाए गए। प्रकरण की जांच के लिए उपजिलाधिकारी टिहरी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति को संबंधित अभिलेखों की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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‎ टिहरी झील के बोटिंग प्वाइंट और टाडा की व्यवस्थाओं की जांच से स्पष्ट है कि जिला प्रशासन पर्यटन गतिविधियों में सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर सख्त है।
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‎जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पर्यटन से जुड़ी किसी भी गतिविधि में सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों और संचालकों को निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

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